
🌾 आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना
यह उत्तर प्रदेश की एक राज्य स्तरीय योजना है, जो किसानों, कृषक उत्पादक समूहों (FPOs), सहकारी समितियों और मंडियों को कम ब्याज पर ऋण और जोखिम-मुक्त सहायता प्रदान करती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण कृषि उद्योग को मजबूत करना, किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
📅 शुरुआत एवं उद्देश्य
- शुरुआत: दिसंबर 3, 2021 को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर
- लक्ष्य: आगामी 3–5 वर्षों में प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक FPO की स्थापना
- बजट: ~₹1,200 करोड़ का प्रावधान 2021–32 तक
- नोडल एजेंसी: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश
✅ लाभ और सुविधाएँ
- बिना गारंटी ₹2 करोड़ तक का बैंक ऋण मिले 6% ब्याज पर
- FPO या कृषक समूहों को ₹5 लाख प्रति FPO वार्षिक सहायता
- ऋण पर 3% वार्षिक ब्याज सब्सिडी उपलब्ध
- PACS समेत सहकारी समितियों को भी मदद मिलती है
- कृषि अवसंरचना कोष (AIF) में सहयोग
🎯 पात्रता
- उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए
- किसान, FPO, सहकारी समिति या मंडी समिति को लाभ मिलेगा
- अनुभव या वर्तमान फसल उत्पादन आधार पर सत्यता
📝 आवेदन प्रक्रिया
- कृषि विभाग या ग्राम विकास कार्यालय से आवेदन पत्र प्राप्त करें
- फार्म/किसान संबंधी जानकारी भरें और दस्तावेज संलग्न करें
- आवेदन जमा करें—ऑफ़लाइन या ऑनलाइन (राज्य पोर्टल के माध्यम से)
- प्रस्ताव की समीक्षा, सत्यापन और स्वीकृति पश्चात ऋण जारी
- ऋण राशि सीधे बैंक खाते में ट्रांसपोर्ट होगी
📌 आवश्यक दस्तावेज़
- आधार कार्ड (किसान/प्रस्तुत व्यक्ति का)
- निवास प्रमाण पत्र
- भूमि के दस्तावेज
- बैंक पासबुक विवरण
- जाति प्रमाण पत्र (यदि आवश्यक हो)
🔗 महत्वपूर्ण लिंक
| 🌐 योगी सरकार कृषि पोर्टल | Visit Details |
| 📄 Economic Times रिपोर्ट | Read ET Article |
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